मुंडन संस्कार हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसे चूड़ाकरण संस्कार भी कहा जाता है। यह संस्कार सामान्यतः शिशु के पहले, तीसरे या पाँचवें वर्ष में कराया जाता है। मान्यता है कि मुंडन संस्कार से पूर्व जन्म के दोष, नकारात्मक प्रभाव और अशुद्धियाँ दूर होती हैं तथा बच्चे के जीवन में शुभता और स्वास्थ्य का संचार होता है।
मुंडन संस्कार के दौरान वैदिक मंत्रों के साथ बालों का प्रथम बार मुंडन किया जाता है और भगवान से बालक के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, बुद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की जाती है। यह संस्कार विशेष रूप से किसी तीर्थ स्थल, मंदिर या घर पर योग्य पंडित द्वारा विधिविधान से सम्पन्न किया जाता है।
श्रद्धा और परंपरा के अनुसार किया गया मुंडन संस्कार बच्चे के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुरक्षा और मंगलकारी प्रभाव लाता है।
🕉️ पूजा विधि
• गणेश पूजन एवं संकल्प
• कलश स्थापना
• नवग्रह शांति एवं देवता पूजन
• वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुंडन क्रिया
• हवन एवं आशीर्वाद
• आरती एवं प्रसाद वितरण
⏰ समय
⏱️ लगभग 1.5 से 2 घंटे
🔑 मुंडन संस्कार के लाभ
- शिशु के जीवन में शुभता एवं सुरक्षा
- पूर्व जन्म के दोष एवं नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति
- अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्राप्ति
- बुद्धि एवं संस्कारों का विकास
- पारिवारिक सुख-शांति में वृद्धि
