घर एवं कार्यस्थल में वास्तु दोष निवारण हेतु विशेष वैदिक अनुष्ठान
वास्तु शांति पूजा एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है, जो घर, दुकान, कार्यालय या किसी भी भवन में उत्पन्न वास्तु दोषों को शांत करने के लिए की जाती है। वास्तु दोष के कारण जीवन में आर्थिक परेशानियाँ, स्वास्थ्य समस्याएँ, पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसे में वास्तु शांति पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।

इस पूजा में वास्तु पुरुष, पंचतत्व, दिशाओं के देवता एवं ग्रहों का विधिवत पूजन किया जाता है। हवन, मंत्रोच्चार और विशेष आहुतियों के माध्यम से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से गृह प्रवेश, नए भवन निर्माण, ऑफिस शुभारंभ या लंबे समय से चल रही समस्याओं के समाधान हेतु कराई जाती है।

श्रद्धा एवं विधि-विधान से सम्पन्न वास्तु शांति पूजा से घर में सुख, शांति, समृद्धि और स्थायित्व बना रहता है।

🕉️ पूजा विधि

• गणेश पूजन
• कलश स्थापना
• वास्तु पुरुष एवं दिशाओं के देवताओं का पूजन
• नवग्रह पूजन
• वास्तु शांति हवन एवं मंत्रोच्चार
• पूर्णाहुति एवं आरती

⏰ समय

⏱️ लगभग 2.5 से 3 घंटे

🔑 वास्तु शांति पूजा के लाभ

  • वास्तु दोष एवं नकारात्मक ऊर्जा का निवारण
  • घर एवं कार्यस्थल में सुख-शांति की स्थापना
  • धन, स्वास्थ्य एवं समृद्धि में वृद्धि
  • मानसिक तनाव एवं बाधाओं से राहत
  • सकारात्मक वातावरण और सौहार्दपूर्ण संबंध